Tuesday, July 13, 2010

इस से इस्लाम को समझने की कोशिश करें

इस्लामिक वेबदुनिया
आप मुझे इस्लाम नाम से जान सकते हैं। इस्लाम जिसके मायने शान्ति है। इसके दूसरे मायने अपनी इच्छाओं को सर्वशक्तिमान ईश्वर के हवाले कर देना है। इस जमीन पर मैं पहले पैगम्बर और पहले इन्सान आदम के साथ आया। मेरा आखरी और फाइनल एडीशन मुहम्मद सल्ललाहो अलेहेवसल्लम लेकर आए। दुनिया का कोई हिस्सा और कोई दौर ऐसा नहीं गुजरा जहां मेरी उपस्थिति नहीं रही हो। मैं हर दौर और हर हिस्से में रहा हूं। लगभग एक लाख चौबीस हजार पैगम्बर और ईश्वरीय दूतों के साथ मैं आया। अक्सर लोग यह समझते हैं कि पैगम्बर मुहम्मद सल्ललाहो अलेहेवसल्लम के साथ ही मैं आया। जबकि ऐसा नहीं है। वे तो मेरा फाइनल मैसेज लाने वाले आखरी पैगम्बर हैं। हर दौर और हर काल में मेरी बुनियादी तालीम एक ही रही है- एक ईश्वर की इबादत करो, ईश्वर के भेजे हुए पैगम्बरों पर भरोसा रख उनके मुताबिक जिंदगी गुजारो और याद रखो मरने के बाद सबको सर्वशक्तिमान ईश्वर के सामने हाजिर होना है और अपने हर कर्म का हिसाब देना है। मेरा मकसद तो बस यही है-इंसानियत और इंसाफ को बढ़ावा देना और इंसानों को सुकून और कामयाब जिंदगी मुहैया कराना।

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